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ऐतिहासिक उपलब्धि: डूंगरपुर की यशवंती पाटीदार बनीं सनातनी किन्नर अखाड़े की पहली महंत, राजस्थान का बढ़ाया मान

सागवाड़ा (डूंगरपुर), राजस्थान के वागड़ अंचल की बेटी यशवंती पाटीदार ने आध्यात्मिक जगत में एक नया इतिहास रच दिया है. डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा तहसील के छोटे से गाँव कोकापुर की रहने वाली यशवंती पाटीदार (यशवंती किन्नर) को अंतरराष्ट्रीय सनातनी किन्नर अखाड़े में ‘महंत’ के प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया है। इस उपलब्धि के साथ ही वे इस अखाड़े से जुड़ने वाली राजस्थान की पहली किन्नर बन गई हैं.

भव्य पट्टाभिषेक और संतों का सानिध्य

कांति दल के सनातन केंद्र अखाड़े में यशवंती का विधिवत पट्टाभिषेक समारोह अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ. इस गौरवशाली अवसर पर देश की कई बड़ी आध्यात्मिक विभूतियां साक्षी बनीं. कार्यक्रम में सनातनी किन्नर अखाड़े के आचार्य श्री कौशल्यानन्द गिरी, मुंबई की प्रसिद्ध समाज सेविका गौरी सावंत माँ, भवानी माँ, दिल्ली से डोली माँ व पूनम माँ और प्रेम पूरी महाराज जैसे प्रख्यात संतों ने शिरकत की और यशवंती को आशीर्वाद प्रदान किया.

शिक्षा और सामाजिक समरसता की मिसाल

यशवंती की यह सफलता केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक है. गुरुकुल महाविद्यालय सागवाड़ा के निदेशक भारत जोशी ने इस पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि यशवंती वर्तमान में उनके महाविद्यालय में तृतीय सेमेस्टर की छात्रा हैं.

उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि समूचे राजस्थान में गुरुकुल महाविद्यालय वह पहला शिक्षा संस्थान है, जिसने सामाजिक समरसता और समावेशी शिक्षा की मिसाल पेश करते हुए थर्ड जेंडर को प्रवेश दिया था. आज यशवंती की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज और शिक्षण संस्थान सही मार्गदर्शन दें, तो हर वर्ग शिखर तक पहुँच सकता है.

क्षेत्र में खुशी की लहर

यशवंती के महंत बनने की खबर मिलते ही कोकापुर गाँव और पूरे सागवाड़ा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है. सोशल मीडिया पर लोग इसे ‘वागड़ का गौरव’ बता रहे हैं. महाविद्यालय परिवार और क्षेत्रवासियों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण और समावेशी समाज की जीत बताया है.

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