प्रतापगढ़ जिला कलेक्टर शुभम चौधरी बुधवार को अरनोद उपखंड के दौरे पर रहीं. इस दौरान उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए राजकीय विद्यालयों और चिकित्सा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया. कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
विद्यार्थियों से किया संवाद, परखी शैक्षणिक गुणवत्ता

कलेक्टर शुभम चौधरी ने मनोहरगढ़ और आमलीखेड़ा स्थित राजकीय विद्यालयों का दौरा किया. विद्यालय पहुंचने पर उन्होंने सीधे कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनसे सवाल पूछकर उनकी शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली.
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं की समीक्षा की:
- मिड-डे मील: भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था.

- नामांकन व उपस्थिति: छात्रों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति.

- आधारभूत सुविधाएं: स्कूलों में साफ-सफाई, पीने के पानी और शौचालयों की स्थिति.
उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही उद्देश्य न हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाए. इस दौरान माध्यमिक शिक्षा अधिकारी (DEO) के.के. तेतरवाल भी उनके साथ रहे.
स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा: गर्मी को लेकर अलर्ट
शिक्षा के बाद जिला कलेक्टर ने अरनोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और अचनेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का निरीक्षण किया. बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए उन्होंने अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम रखने के निर्देश दिए.


कलेक्टर ने अस्पताल में दवा वितरण केंद्र, प्रसूति वार्ड और ओपीडी सेवाओं का अवलोकन किया. उन्होंने चिकित्सकों और स्टाफ को पाबंद किया कि मरीजों को उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे. उन्होंने अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और गर्मी के मद्देनजर शीतल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया.
आमजन की सुविधा प्राथमिकता
निरीक्षण के अंत में जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ कार्य करें. उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य ध्येय आमजन को बेहतर और सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना है.

