उदयपुर राजस्थान के उदयपुर शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देता हुआ एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. सुखेर थाना क्षेत्र में कुछ बदमाशों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक युवक का अपहरण कर लिया और जंगल में ले जाकर बंदूक की नोक पर उसके साथ जमकर मारपीट व लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने इस मामले में 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है.
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित युवक महेंद्र सिंह ने सुखेर थाने में अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई है. महेंद्र के अनुसार, वह सुखेर थाना क्षेत्र में स्थित ‘न्यू आशापुरा होटल’ पर आया हुआ था. इसी दौरान एक कार में सवार होकर पांच युवक वहां पहुंचे. उन्होंने खुद को जिला पुलिस स्पेशल टीम (DST) का सदस्य बताया और महेंद्र के साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी. इसके बाद आरोपी उसे जबरन अपनी कार में डालकर अगवा कर ले गए.
जंगल में ले जाकर तानी बंदूक, की लूटपाट
बदमाश पीड़ित को कार में डालकर नेगडिया टोल प्लाजा के पास स्थित सुनसान जंगलों में ले गए. वहां पहले से ही एक अन्य कार में 4 से 5 युवक मौजूद थे. जंगल में सभी आरोपियों ने मिलकर महेंद्र सिंह के साथ बेरहमी से मारपीट की। हद तो तब हो गई जब बदमाशों ने उस पर बंदूक तान दी.
हथियार के बल पर बदमाशों ने महेंद्र की जेब में रखी नकदी, उसका मोबाइल फोन और गले में पहनी हुई सोने की चैन लूट ली. वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने उसे पुलिस में शिकायत न करने और जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए.
पुलिस जांच में आपसी लेनदेन का अंदेशा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुखेर थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई है. थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि पीड़ित महेंद्र सिंह की रिपोर्ट पर 11 आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
थानाधिकारी भरत योगी के अनुसार:
“शुरुआती पूछताछ और प्राथमिक जांच में मामला आपसी पैसों के लेनदेन से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. घटना स्थल और उसके आसपास के रूट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे.”

