प्रतापगढ़ पुलिस ने संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. छोटीसादड़ी थाना पुलिस ने कुख्यात कमल राणा गैंग को तस्करी के लिए वाहन उपलब्ध कराने और अपराधियों को शरण देने के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है.

कुख्यात कमल राणा का मददगार पुलिस की गिरफ्त में
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में थानाधिकारी प्रवीण टांक के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया. पुलिस ने सोनू आंतरी उर्फ अवधेश को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अयोध्या का निवासी है और वर्तमान में मध्य प्रदेश के नीमच जिले में रह रहा था.
70 हजार का इनामी है कमल राणा
गौरतलब है कि गैंग का सरगना कमल सिंह राणा उर्फ कमल राणा (43) राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है. उस पर दोनों राज्यों की ओर से 70 हजार रुपये का इनाम घोषित है. कमल राणा के खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों व हथियारों की तस्करी जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं.
आरोपी की भूमिका: रसद और वाहन का प्रबंधन
छोटीसादड़ी पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में सोनू उर्फ अवधेश को नामजद किया था. जांच में सामने आया कि सोनू न केवल कमल राणा गैंग को तस्करी के लिए वाहन उपलब्ध कराता था, बल्कि वह अपराधियों को आर्थिक और भौतिक सहयोग भी देता था. पुलिस से बचने के लिए कमल राणा को आश्रय (Hideout) दिलाने में भी इसकी मुख्य भूमिका थी.
पुलिस की कार्रवाई जारी
थानाधिकारी प्रवीण टांक ने बताया कि इस प्रकरण में कुल 23 आरोपियों को नामजद किया गया है. गिरफ्तार अभियुक्त से अब गहनता से पूछताछ की जा रही है, जिससे कमल राणा के अन्य ठिकानों और गैंग के रसद नेटवर्क के बारे में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

