प्रतापगढ़ जिले के अरनोद कस्बे के वार्ड संख्या 8 में एक खूंखार बंदर के आतंक से क्षेत्रवासियों में भारी दहशत व्याप्त है. बेकाबू हो चुका यह बंदर अब तक चार लोगों पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर चुका है. घटना के बाद से पूरे कस्बे में भय का माहौल है और लोग अपने बच्चों को घरों से बाहर निकालने में भी कतरा रहे हैं.
गंभीर घायलों को जिला अस्पताल किया गया रेफर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंदर ने अचानक हमला कर सिमी पत्नी अनिल कोठारी, विशाल (12) पिता सूरजमल मीणा, मुन्नीबाई पत्नी सुरेश महंत और एक अन्य छोटे बच्चे को घायल कर दिया. घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है. हमले की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 12 वर्षीय बालक विशाल के पैर पर 22 टांके आए हैं, जबकि सीमा के गर्दन पर 8 टांके लगाने पड़े हैं.
आबादी क्षेत्र में घूम रहा बंदर, बना बड़े हादसे का डर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदर लगातार रिहायशी इलाकों में बेखौफ घूम रहा है और अचानक राहगीरों पर झपट पड़ता है. बार-बार हो रहे इन हमलों से परिजनों में खासकर छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता सता रही है.
वन विभाग और प्रशासन से जल्द पकड़ने की गुहार
वार्डवासियों का आरोप है कि बंदर द्वारा कई लोगों को लहूलुहान किए जाने के बावजूद अब तक उसे पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं. आक्रोशित ग्रामीणों और कस्बेवासियों ने जिला प्रशासन व वन विभाग से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना पिंजरा लगाकर बंदर को तुरंत रेस्क्यू किया जाए और सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए.

