Headlines

UN में गूंजेगी भारत के आदिवासियों की आवाज़! जिनेवा जा रहे सांसद राजकुमार रोत, देश भर से मांगे सुझाव

क्या आपके पास है आदिवासियों की किस्मत बदलने का आइडिया? स्विट्ज़रलैंड जाने से पहले सांसद राजकुमार रोत ने देश से मांग ली ये चीज़.

नई दिल्ली भारत के करोड़ों आदिवासियों के हक और अधिकारों की आवाज़ अब दुनिया के सबसे बड़े मंच पर गूंजने जा रही है. बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत संयुक्त राष्ट्र (UN) के सबसे बड़े आदिवासी अधिकार मंच में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.
यह ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 13 से 17 जुलाई 2026 तक स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (Palais des Nations) में आयोजित होने जा रहा है. सांसद रोत UN के ‘आदिवासी लोगों के अधिकारों पर विशेषज्ञ मंच’ (EMRIP) के 19वें सत्र में हिस्सा लेंगे.

क्यों खास है यह UN मंच?

आपको बता दें कि यह वही ऐतिहासिक मंच है, जिसने विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त) को वैश्विक पहचान दी है. दुनिया भर में आदिवासियों के अधिकारों को कानूनन मजबूती देने वाले इसी मंच पर अब राजस्थान और पूरे भारत के आदिवासियों की जमीनी हकीकत गूंजेगी.
इन बड़े मुद्दों पर UN में बात रखेंगे सांसद रोत:
सांसद राजकुमार रोत ने इस मौके पर कहा कि यह उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज का गौरव है. वे वैश्विक

मंच पर इन मुख्य मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे:

जल, जंगल और जमीन के अधिकार.
संविधान की पाँचवीं और छठी अनुसूची का पूर्ण क्रियान्वयन.
वनाधिकार कानून, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं.
आदिवासी संस्कृति का संरक्षण और विस्थापन की गंभीर समस्या.

सांसद राजकुमार रोत की देशवासियों से बड़ी अपील:

“यह मंच पूरे भारत के आदिवासी समाज का है. मैं चाहता हूँ कि देश के हर कोने की आवाज़ जिनेवा तक पहुँचे. मैं देश के सभी आदिवासी संगठनों, युवाओं, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से अपील करता हूँ कि वे अपने सुझाव और मुद्दे मुझ तक भेजें. आपके सुझाव ही मेरी सबसे बड़ी ताकत होंगे.”

आपके सुझाव बदल सकते हैं तस्वीर!

सांसद रोत ने भरोसा दिलाया है कि देश भर से प्राप्त होने वाले सभी महत्वपूर्ण सुझावों का गहन अध्ययन किया जाएगा. इन सुझावों को संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में शामिल किया जाएगा, ताकि भारत के आदिवासियों के वास्तविक मुद्दों को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से रखा जा सके और उनका समाधान निकाला जा सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *